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Ziyarat E Nahiya In Hindi

"नाहिया" का अर्थ है 'क्षेत्र' या 'दिशा', और "मुक़द्दसा" का अर्थ है 'पवित्र'। यह नाम इमाम महदी (अ.स.) के लिए इस्तेमाल किया जाता था जब वे ग़ैबत (पर्दे) में थे। यह ज़ियारत विशेष रूप से के दिन और अन्य शोक सभाओं में पढ़ी जाती है।

इस ज़ियारत में बड़ी खूबसूरती से यह दर्शाया गया है कि इमाम हुसैन (अ.) की शहादत पर केवल इंसान ही नहीं, बल्कि पूरी कायनात, आसमान के फरिश्ते, दरिया, पहाड़ और जानवर तक रोए。

of Karbala and, in some versions, the names of their killers. 2. Themes and Content

पूरी ज़ियारत काफी लंबी है, लेकिन इसके सबसे दिल को झकझोर देने वाले हिस्सों का हिन्दी अनुवाद और मफ़हूम नीचे दिया जा रहा है:

: इसकी शुरुआत में आदम (अ.स.) से लेकर पैगंबर मुहम्मद (स.अ.व.व.) तक कई नबियों को सलाम भेजा जाता है गहरा शोक ziyarat e nahiya in hindi

ज़ियारत को आशुरा के दिन या किसी भी समय पढ़ा जा सकता है

ज़ियारत में इमाम हुसैन के गुणों का वर्णन है, जैसे उनकी न्यायप्रियता, अनाथों के लिए उनकी दया और दीन (धर्म) की रक्षा के लिए उनका अटूट संकल्प。

पूरी ज़ीयारत काफी लंबी है, लेकिन श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए इसके कुछ मुख्य अंशों का हिंदी उच्चारण (Transliteration) और अर्थ नीचे दिया गया है:

यह ज़ियारत किसी भी मरसिया या नौहे की तरह नहीं है, बल्कि एक विशेष श्रद्धांजलि है जिसका पाठ शिया परंपराओं के अनुसार किया जाता है। इसे पढ़ने का सही तरीका अपने धार्मिक मार्गदर्शकों से अवश्य सीखें। बल्कि पूरी कायनात

ज़ियारत-ए-नाहिया मुक़द्दसा कर्बला के शहीदों और ख़ास तौर पर इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम पर पढ़ी जाने वाली सबसे दर्दनाक और अहम ज़ियारत है। यह ज़ियारत इमाम-ए-ज़माना हज़रत महदी (अतफ़) की तरफ़ से मंसूब है। इस लेख में हम ज़ियारत-ए-नाहिया के मायने, इसकी अहमियत, इतिहास और इसका मुकम्मल हिन्दी अनुवाद पेश कर रहे हैं।

इस लेख में हम ज़ियारत-ए-नाहिया के इतिहास, इसके रूहानी फ़ायदे, और हिंदी में इसके महत्व पर विस्तार से चर्चा करेंगे।

शेख मशाहदी द्वारा लिखित पुस्तक में इसका विस्तृत वर्णन है।

"सलाम हो उन गहरे घावों पर जिनसे खून का फव्वारा जारी था।" आसमान के फरिश्ते

2. इमाम-ए-ज़माना का अफ़सोस और ग़म

यह ज़ीयारत अन्य सामान्य ज़ीयारतों से काफी अलग है। इसकी मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित हैं:

यह ज़ियारत हमें सिखाती है कि हक़ और इंसाफ के लिए खड़े होने का मतलब क्या होता है。यह ज़ुल्म के आगे घुटने न टेकने की सबसे बड़ी मिसाल है。